Category: Shri Vachan

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Parmatma ke Pass Baithiye || परमात्मा के पास बैठिये

🌷जय सच्चिदानंद जी🌷🍁 ✨परमात्मा के पास बैठिये, इतने गहरे भाव से कि आँसू आ जाएँ, किसी प्रकार की कोई आकांक्षा या मांग न रखें, परमात्मा का होना ही आशीर्वाद है, उनसे मांगना नहीं पड़ता…....

SSDN : Shri Vachan 51 to 60 0

SSDN : Shri Vachan 51 to 60

51. घण्टा, दो घण्टे, तीन घण्टे भजन करके शेष समय सेवा, सत्संग, स्वाध्याय में अपने मन को लगा कर मालिक से दिल की तार जोड़े रखोगे तो आत्मिक शांति बनी रहेगी। 52. जिस मन...

SSDN : Shri Vachan 41 to 50 0

SSDN : Shri Vachan 41 to 50

41. जैसे अन्धेरी कोठरी में हर समय ठोकर लगने का भय रहता है वैसे ही जिस व्यक्ति का हृदय अज्ञान के अन्धकार से पूर्ण हो उसे सत्य-पथ से भटकने का भय रहता है। इसलिए...

SSDN : Shri Vachan 31 to 40 0

SSDN : Shri Vachan 31 to 40

~~~~~~~~श्री सतगुरु देवाय नमः ~~~~~~~ 31. मालिक से प्रीत निभाने में चाहे कितनी भी कुर्बानी देनी पड़े तो प्रसन्नता से दो। जब कामी काम के पीछे, लोभी धन के कारण सिर देने को तत्पर...

SSDN Shri Vachan : 21-30 0

SSDN Shri Vachan : 21-30

21. प्रत्येक के हृदय में प्रभु का वास है। यदि भगवान् की भक्ति करके उसे प्रसन्न करना चाहते हो तो किसी के हृदय को न सताओ। 22. आन्तरिक विकार जीव के प्रबल शत्रु हैं।...

SSDN Shri Vachan : 11 to 20 0

SSDN Shri Vachan : 11 to 20

11. यदि तुमने गुरु शरण अपनाकर भी मन की शक्ति कम न की और मन के अनुसार ही काम किया तो जीवन अकारथ(waste) गया। 12. जो स्वयं ही क्रोध रूपी अग्नि में जलता रहता...

Shri Vachan 0

Shri Vachan 1 to 10

1. सतगुरु के सेवक को ऐसा आचरण करना चाहिए जो साधारण लोगो के लिए प्रमाण बन जाये और स्व्त: उनके मुख से निकले की धन्य है इनके सतगुरु जिनसे इसे आत्मिक शांति प्राप्त हुई...